Mirza Asadullah Beg Khan -- known to posterity as Ghalib, Takhallus(pen name), headopted in the tradition of all classical Urdu poets. Literal meaning of ‘Ghalib’ is Excelling, Likely, Often, Overcoming, Overpowering, Most Probably, Predominant,Triumphant, Victorious, Winner. In his early age, many of his verses has been writtenas Asad as his earlier pen name, which means Lion, and was taken from his own name, Asadullah, Lion of God.
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"Mein Aur Meri Aavargi", in Hindi roughly translates "Me And My Wanderings". I don't know what I will be doing with this blog space and even in life being a Leo I am quite intutive and hardly plan my life. Hence this title.
Thursday, 16 November 2006
Monday, 2 October 2006
चलती कार में देखिए पसंदीदा टीवी चैनल!
बंगलोर- डायरेक्ट टू होम (डीटीएच) टेलीविजन के जमाने में एक कदम आगे जाते हुए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की है। इसके शुरू होने से टीवी प्रसारण का दायरा बढ़ बहुत जाएगा और यहाँ तक कारों में भी टीवी चैनल देखे जा सकेंगे। इसरो एक बार शक्तिशाली प्रणाली स्थापित करने में कामयाब हो गया तो आप अपना पसंदीदा टीवी चैनल कहीं भी देख सकेंगे। यहाँ तक कि सुदूरवर्ती जंगल में भी।
इसरो के अध्यक्ष श्री जी. माधवन नायर ने बताया कि यदि आप टीवी सिग्नल कार, ट्रक जैसे चलित प्लेटफार्म तक पहुँचाने में सफल हो जाते हैं तो यह एक बड़ी कामयाबी होगी। इसलिए हमने ऐसी ही एक परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। तीन साल से भी कम समय में हम इस काम को अंजाम दे देंगे। श्री नायर ने बताया कि इस परियोजना के तहत इसरो चलती कार में टीवी तस्वीरें भेजने के लिए केयू बैंड ट्रांसपांडर्स को और शक्तिशाली बनाएगा, अंतरिक्ष में तैनात किए गए एंटेना का आकार बढ़ाएगा और प्रसारण के लिए बैंड विड्थ को और घनीभूत करेगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में केयू ट्रांसपांडर्स बैंड में होता यह है कि ऊर्जा के साथ-साथ प्रसारण आवृत्ति की सीमाओं के कारण धरती पर आधे मीटर व्यास के एक एंटेना की जरूरत होती है जिसका मुँह उपग्रह की ओर रखना पड़ता है। यदि आपको चलती गाड़ी में कोई टीवी चैनल के सिग्नल चाहिए तो आप को किसी एक सिरे पर शक्तिशाली सिग्नलों की जरूरत होगी।
इसके अलावा ये सिग्नल घने होना चाहिए ताकि पाने वाले सिरे पर या कार की छत पर मौजूद छोटे एंटेना के जरिए टीवी सिग्नल पकड़े जा सकेंगे। इसके लिए हमें नए किस्म के एंटेना विकसित करना पड़ेंगे। फिलहाल हम दो मीटर व्यास के एंटेना का इस्तेमाल कर रहे हैं। मोबाइल प्रसारण के लिए हमें अंतरिक्ष में पाँच से छह मीटर व्यास के एंटेना का इस्तेमाल करना होगा। बहरहाल एक बार यह तकनीक विकसित हो जाने के बाद विश्व बाजार में तहलका मचा देगी।
05 मई 2006, स्रोत: वेबदुनिया
इसरो के अध्यक्ष श्री जी. माधवन नायर ने बताया कि यदि आप टीवी सिग्नल कार, ट्रक जैसे चलित प्लेटफार्म तक पहुँचाने में सफल हो जाते हैं तो यह एक बड़ी कामयाबी होगी। इसलिए हमने ऐसी ही एक परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। तीन साल से भी कम समय में हम इस काम को अंजाम दे देंगे। श्री नायर ने बताया कि इस परियोजना के तहत इसरो चलती कार में टीवी तस्वीरें भेजने के लिए केयू बैंड ट्रांसपांडर्स को और शक्तिशाली बनाएगा, अंतरिक्ष में तैनात किए गए एंटेना का आकार बढ़ाएगा और प्रसारण के लिए बैंड विड्थ को और घनीभूत करेगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में केयू ट्रांसपांडर्स बैंड में होता यह है कि ऊर्जा के साथ-साथ प्रसारण आवृत्ति की सीमाओं के कारण धरती पर आधे मीटर व्यास के एक एंटेना की जरूरत होती है जिसका मुँह उपग्रह की ओर रखना पड़ता है। यदि आपको चलती गाड़ी में कोई टीवी चैनल के सिग्नल चाहिए तो आप को किसी एक सिरे पर शक्तिशाली सिग्नलों की जरूरत होगी।
इसके अलावा ये सिग्नल घने होना चाहिए ताकि पाने वाले सिरे पर या कार की छत पर मौजूद छोटे एंटेना के जरिए टीवी सिग्नल पकड़े जा सकेंगे। इसके लिए हमें नए किस्म के एंटेना विकसित करना पड़ेंगे। फिलहाल हम दो मीटर व्यास के एंटेना का इस्तेमाल कर रहे हैं। मोबाइल प्रसारण के लिए हमें अंतरिक्ष में पाँच से छह मीटर व्यास के एंटेना का इस्तेमाल करना होगा। बहरहाल एक बार यह तकनीक विकसित हो जाने के बाद विश्व बाजार में तहलका मचा देगी।
05 मई 2006, स्रोत: वेबदुनिया
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